टिहरी पुलिस ने 18 लाख की ठगी करने वाले साइबर ठग को झारखंड से किया गिरफ्तार

ऋषिकेश । 16 अगस्त 2024 को पवित्र देवी पत्नी विजय सिंह निवासी बंगलो की कंडी कैंम्पटी जनपद टिहरी गढ़वाल ने अपने साथ हुई 18 लाख..

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ऋषिकेश । 16 अगस्त 2024 को पवित्र देवी पत्नी विजय सिंह निवासी बंगलो की कंडी कैंम्पटी जनपद टिहरी गढ़वाल ने अपने साथ हुई 18 लाख से अधिक की ऑन लाइन धोखाधड़ी के संबंध में थाना कैंपटी में मुकदमा दर्ज कराया था। 4 जून 2024 को मनीष चौधरी नामक व्यक्ति ने अपने आप को कनाडा का निवासी बताते हुए बातचीत की और धीरे-धीरे पवित्र देवी से दोस्ती कर ली और उन्हें गिफ्ट देने का लालच दिया और सोने की ज्वेलरी भेजने की बात कही। 25 जून को साइबर ठग ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताते हुए बोला कि आपका 38 लाख का पार्सल आया है उसमें कस्टम फीस लगेगी इस कस्टम फीस के नाम पर पवित्र देवी से अलग-अलग अकाउंट में पैसे जमा करवाए गए। जिसमें धीरे-धीरे करके 18 लाख से अधिक रुपए की ठगी की। जो विभिन्न खातों में और यूपीआई व कैश के माध्यम से जमा किये गये थे । मामले की गम्भीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल ने त्वरित कार्यवाही करने के लिए निर्देशति कर 16 सितंबर 2024 को उक्त प्रकरण की जाच प्रभारी साइबर सैल निरीक्षक नदीम अतहर के सुपुर्द की। जांच प्रकाश में आया कि अभियुक्तों द्वारा धोखाधड़ी कर पवित्र देवी से उक्त धन सात अलग-अलग खातों व छः यूपीआई के माध्यम से जमा कराया गया है उक्त सभी खातों की जांच करने पर सभी खाते और उनसे संबंध मोबाइल नंबर बंद पाए गए, पवित्र देवी द्वारा जमा कराए गए धन के विषय में गहनता से जांच करने पर उक्त धन दो मुख्य खातों जिन में से एक मध्य प्रदेश भोपाल में तथा दूसरा खाता लखीसराय बिहार में पाया गया। भोपाल में स्थित खाते की जांच करने पर उक्त खाता मुस्कान साहू के नाम पर पाया गया तथा मुस्कान के खाते से धन चार अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया गया था।

खाताधारकों के बारे में पता किया गया तो खाताधारक अभियुक्त दिलीप यादव वर्तमान में थाना जतारा के अंतर्गत पंजीकृत मुकदमे के संबंध में जतारा उपकारागार जेल में निरुद्ध होना पाया गया। तीसरा खाता धारक सत्त्यम भानावत को नोटिस दिया जा चुका है चौथे अभियुक्त धर्मेंद्र यादव की तलाश जारी है, एक खाता धारक ने आत्महत्या कर ली है। बिहार के खातों में गयी धनराशि का विश्लेषण करने पर यह बात प्रकाश में आई कि उक्त धन का अधिकांश हिस्सा अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर दिया गया है और उन अकाउंट से धनबाद में ट्रांसफर किए गए थे।

साइबर पुलिस टीम तैयार कर धनबाद भेजा गया और वहां पर स्थानीय मुखबिर की मदद से अभियुक्त की तलाश करते हुए 6 अप्रैल को पप्पू कुमार साव 35 वर्ष पुत्र दीपनारायण साव निवासी भूल्ली बस्ती नवाडीह थाना व जिला धनबाद झारखण्ड
को िरफ्तार किया। जिसको सीजेएम न्यायालय धनबाद से ट्रांजिट रिमांड पर टिहरी लाया गया है।

अपराध का तरीका

1- वर्तमान में अभियुक्त अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़ा है जिसके मुख्य हैंडलर *पाकिस्तान* के मोबाइल नंबर्स से इसको निर्देश देता है जो इससे बैंक अकाउंट को डिटेल मांगते है अभियुक्त द्वारा ऑनलाइन व्हाट्सएप आदि पर आस पास झारखंड, बंगाल, बिहार आदि क्षेत्र के युवकों को कमाई का लालच देकर षडयंत्र के तहत अपने गिरोह में शामिल करता है फिर उनसे खुद का या किसी अन्य के नाम से बैंक अकाउंट खोलने और उसकी डिटेल ले लेता है। उक्त बैंक डिटेल अपने हैंडलर्स को भेज देता है। अभियुक्त द्वारा खुद भी ऐसे ही अकाउंट का प्रबंध कर लेता है। दिए गए अकाउंट में हैंडलर्स लूट का पैसा डलवाते है और अभियुक्त को बताते है अभियुक्त अकाउंट नंबर के अनुसार उस व्यक्ति को बताता है जिसने वह अकाउंट नंबर दिया था और उस अकाउंट से एटीएम के माध्यम से या अन्य एकाउंट में स्थानांतरित कर देते है और उन अकाउंट से धन आहरितकर लेते है और उस पूरे धन को विदेशी हैंडलर के बताए अन्य एकाउंट में कैश सीडिएम मशीन के माध्यम से 91 प्रतिशत धन जमा करवा देते है 3 प्रतिशत धन अभियुक्त को मिलता है और अकाउंट व मोबाईल सिम उपलब्ध कराने वाले को 6 प्रतिशत धन मिलता है कुछ लड़के आठ दस अकाउंट भी उपलब्ध कराते है।
2- प्रत्येक दिन लगभग 3-4 लाख का ट्रांजेक्शन होता है महीने में एक करोड़ के आस पास हो जाता है उसका 03 प्रतिशत अभियुक्त को मिलता है।

अभियुक्त से प्राप्त माल का विवरण

1-09 एटीएम कार्ड विभिन्न बैकों के
2- 02 आधारकार्ड
3- 01 पैनकार्ड
4- 04 चैकबुक
5-02 अदद कडे पीली धातु
6-02 अदद चैन पीली धातु
7- 06 अदद सिक्के पीली धातु
8- 04 मोबाइल फोन
9- 1 लाख 30 हजार रुपए नकद
6- काले रंग का पीटठू बैग
7- लालरंग का हैण्ड बैग
8- एक वाहन सैल्टस कार रंगकाला
कुल बरामद माल की कीमत लगभग 35 लाख रूपये

पुलिस टीम में निरीक्षक नदीम अतहर प्रभारी साईबर सैल, उनि ओमकान्त भूषण प्रभारी सीआईयू, हेड कांस्टेबल सीपी विकाससैनी सीआईयू, कांस्टेबल सीपी अजय वीर सैनी, साईबर सैल अन्य शामिल थे ।

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