आईडीपीएल वाटरइंटेक सीवरेज लाइन की बिजली कटी, जीएम को दिया ज्ञापन

ऋषिकेश । हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन ना करते हुए विद्युत विभाग द्वारा आईडीपीएल के अंतर्गत वाटरइंटेक सीवरेज लाइन की बिजली दुबारा से काट दी..

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ऋषिकेश । हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन ना करते हुए विद्युत विभाग द्वारा आईडीपीएल के अंतर्गत वाटरइंटेक सीवरेज लाइन की बिजली दुबारा से काट दी गई है। इस संबंध में आईडीपीएल वासियों ने आईडीपीएल के जीएम को प्रार्थना पत्र देकर बिजली बहाल करने की गुजारिश की है। आईडीपीएल के निवासियों ने पत्र के माध्यम से बताया कि आईडीपीएल वासियों द्वारा डब्ल्यूपीएमएस सं. 2467 वर्ष 2023 दर्शना देवी बनाम उत्तराखण्ड सरकार आदि माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में योजित है। जिसमें प्रार्थीगण व अन्य आईडीपीएल के व्यक्तियों को आईडीपीएल प्रशासन एवं राज्य सरकार द्वारा जबरदस्ती बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा था जिस कारण प्रार्थीगणों द्वारा उक्त याचिका माननीय उच्च न्यायालय में योजित की जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आईडीपीएल प्रसाशन व उत्तराखण्ड सरकार के विरूद्ध बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए बेदखल करने के आदेश पारित किए गए थे परन्तु आईडीपीएल व उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रार्थीगणों व अन्य आईडीपीएल निवासियों की विद्युत व जल आपूर्ति बंद कर दी गई, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय पुनः 29 सितंबर 2023 को आईडीपीएल, उत्तराखण्ड सरकार के विरुद्ध आदेश पारित करते हुए 72 घण्टे के भीतर विद्युत संयोजन जोड़ने के आदेश पारित किए गए जिसके तत्पश्चात विद्युत विभाग द्वारा विद्युत संयोजन को जोड़ दिया गया परन्तु विद्युत विभाग द्वारा एक बार पुनः लगभग अक्टूबर नवम्बर महीने से सीवरेज प्लान्ट (बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट प्लान्ट व वाटरइंटेक) का विद्युत संयोजन व 13 मार्च 2025 को व स्ट्रीट लाइट की बिजली काट कर आईडीपीएलवासियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। जिससे समस्त आईडीपीएल वासियों का मलमूत्र चारों तरफ फैल रहा है जिससे लोगों को काफी दिक्कत व परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही रात्रि में स्ट्रीट लाइट बंद हो जाने के कारण जंगली जानवरों की आमद बढ़ने से कोई भी अप्रिय घटना होने की संभावना बढ़ गई है।

सीवर लाइन ओवरफ्लो होने के कारण घरा में पीने का पानी भी दूषित हो रहा है। आईडीपीएल वासियों का कहना है कि यदि दोनों जगहों पर विद्युत संयोजन की आपूर्ति नहीं की जाती तो आईडीपीएल की समस्त जनता को गम्भीर बीमारियों व अपूर्णीय क्षति का सामना करना पड़ेगा। उक्त सीवरेज प्लान्ट को चालू करने के लिए एनजीटी की गठित टीम द्वारा भी सर्वे किया गया था तथा आवेदकों को उक्त प्लान्ट चलाने का आश्वासन दिया गया था। बावजूद इसके विद्युत आपूर्ति बहाल ना होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि माननीय न्यायालय नैनीताल द्वारा आदेशित किया गया था कि आईडीपीएल निवासियों को बिजली व पानी की आपूर्ति करके देंगे। लेकिन आईडीपीएल प्रबंधन द्वारा जानबूझकर षड़यंत्र के तहत यूपीसीएल के साथ मिलकर बिलों का भुगतान नहीं किया गया। जिसकी वजह से आईडीपीएल निवासियों का आईडीपीएल प्रबंधन द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से उत्पीडन किया जा रहा है। यदि आईडीपीएल प्रबंधन द्वारा अतिशीघ्र सीवरेज प्लान्ट चालू नहीं किया जाता है तो उसके होने वाले समस्त दुष्प्रभाव व होने वाली बीमारियों की जिम्मेदारी आईडीपीएल प्रबंधन की होगी।आईडीपीएल वासियों ने उक्त सीवरेज प्लान्ट (बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट प्लान्ट व वाटरइंटेक) एवं स्ट्रीट लाइट की बिजली दुबारा से बहाल करने की गुजारिश की है।

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