जय-जय चार धाम की

उत्तराखण्ड में धर्माटन साभार-नेशनल वार्ता ब्यूरो चारो धामों के पावन कपाट खुल गए। पूरा देश इन चार धामों को लेकर श्रद्धा और उल्लास से भरा..

उत्तराखण्ड में धर्माटन
साभार-नेशनल वार्ता ब्यूरो
चारो धामों के पावन कपाट खुल गए। पूरा देश इन चार धामों को लेकर श्रद्धा और उल्लास से भरा हुआ लग रहा है। ये चार पावन धाम वैसे तो उत्तराखण्ड में विराजमान है लेकिन पूरा देश इन चार धामों से जुड़ा हुआ है। पूरे देश के श्रद्धालुओं को इस घड़ी का इंतजार रहता है। बीते कुछ दिनों में एक-एक कर चारों धामों के कपाट दर्शन के लिए सुलभ हो गए। इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी की उम्मीद जताई जा रही है। कोरोना काल ने उत्तराखण्ड के धर्माटन पर बुरा असर डाला। देशभर के श्रद्धालु धर्माटन से वंचित रह गए। लेकिन अब बाबा केदारनाथ, भगवान बदरीनाथ, पूजनीय यमुनोत्री और दिव्य गंगोत्री की धर्म यात्रा सबके लिए सुलभ है। राज्य सरकार ने भी अच्छे प्रबन्ध किए हुए हैं। पर्यटन एवं धर्माटन मंत्री सतपाल महाराज जोकि स्वयं भी सुप्रसिद्ध प्रवचनकर्ता हैं और धर्मकर्म में उनकी विशेष रूचि है। देश के लोगों को उनके इस विशेष ज्ञान का लाभ होगा क्योंकि वे धर्माटन का सही अर्थ भलीभाँति समझते हैं। सतपाल महाराज बहुत सक्रिय मंत्री हैं। वे पर्यटन को भी बढ़ावा दे रहे हैं ताकि उत्तराखण्ड की आर्थिक रीड़ मजबूत की जा सके। राज्य में पर्यटन और धर्माटन के साथ-साथ साहसिक खेलों और रोमांचक गतिविधियों के लिए अच्छे अवसर हैं। जिन्हें निखारा जाना चाहिए। सतपाल महाराज जी को अपने पूरे अनुभव का लाभ उठाकर उत्तराखण्ड के विकास को सर्वोच्च ऊचाइयों तक ले जाना चाहिए। उत्तराखण्ड के चारो धाम संसार भर मेें ख्याति के हकदार हैं। इंटरनेट के जमाने में यह संभव करना सहज है। धर्माटकों के लिए बन रही विशेष योजनाओं का प्रचार प्रसार जरूरी है। सितम्बर तक धर्माटकों को धर्माटन का लाभ प्राप्त होता रहा है। हेमकुण्ड साहिब जैसे पावन तीर्थों का भी खूब प्रचार प्रचार जरूरी है। ऐसे पर्यटन स्थल जो सुप्रसिद्ध नहीं हैं, उनका भी विकास होना चाहिए। वनों की सुन्दरता का भी भरपूर लाभ उठाया जाना चाहिए। योग के साथ-साथ मनोरंजन के साधनों का भरपूर विकास होना चाहिए ताकि धर्माटक और पर्यटक उत्तराखण्ड में आकर तरोताजा होकर लौटें और हर साल उत्तराखण्ड आएं। इस उद्देश्य के पूर्ति के लिए सरकार को पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि रोजगार का भी प्रसार हो। उत्तराखण्ड में 12 मासा पर्यटन और धर्माटन के लिए जोरों से प्रयास होने चाहिएं। ऑल वेदर रोड इस दिशा में कारगर सिद्ध होगी और रेल परियोजनाएं भी प्रदेश के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होंगी । -वीरेन्द्र देव गौड़, पत्रकार, देहरादून।

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