धामी की चाय कुल्हड़ में चाय

साभार -नेशनल वार्ता न्यूज़ मुख्यमंत्री धामी जी ने यह अच्छा कहा। सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास में चाय कुल्हड़ में परोसी जाएगी। इस बात में भारत..

साभार -नेशनल वार्ता न्यूज़

मुख्यमंत्री धामी जी ने यह अच्छा कहा। सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास में चाय कुल्हड़ में परोसी जाएगी। इस बात में भारत की माटी की सुगंध है। ऐसी ही सुगंध उत्तराखण्ड की गली-गली और सड़क-सड़क पर होनी चाहिए। धामी जी किसी दिन आप देहरादून की सड़कों में अपने अफसरों के साथ पैदल घूमिए महाराज। आपकी मुख्यमंत्री दृष्टि त्रिकालदर्शी हो जाएगी। आप भारत के अच्छे मुख्यमंत्रियों में शामिल हो जाएंगे। हम आपके हर हाल प्रशंसक है इसलिए आपकी कीर्ति की कामना करते हैं। आप शहर के अंदर कांवली रोड, हरिद्वार रोड और किसी भी रोड में घूमिए। निर्माणाधीन स्मार्ट सिटी का जायजा लीजिए। लेकिन साथ में कुछ अच्छे डॉक्टरों को भी ले लीजिए। चलिए आप का काम आसान कर देते हैं। आप महाराजा अग्रसेन चौक से लेकर रिस्पना पुल के बीच अपने सचिवों के साथ टहलिए। आप गश खाकर गिर पड़ेंगे। नालियों से उठती दुर्गंध आपको उठाकर पटक देगी। इसीलिए कह रहे हैं कुछ डॉक्टरों को साथ ले लेना। महाराज कम से कम देहरादून में कभी-कभी पैदल घूमा करो। हाँ, साथ में सुनील उनियाल गामा को भी ले लेना। लगता नहीं कि यह आदमी कुछ कर रहा है। लगता नहीं कि इससे पहले वाले आदमी ने कुछ किया था। अरे महाराज आप लोगों को देश की सेवा का मौका मिला है। देहरादून में जल निकासी की व्यवस्था को सुचारू करवाइए। इसके लिए दून घाटी की टोपोग्राफी के जानकारों को साथ में रखिए। आप चाहें तो देहरादून को चण्डीगढ़ से भी ज्यादा सुंदर बना सकते हैं। आप देहरादून को सुगंध से भरा शहर बना सकते है। यहाँ की दुर्गंध को मिटा सकते है। एक बार महाराजा अग्रसेन चौक से लेकर रिस्पना पुल तक सड़क के दोनों ओर आइए और जाइए। आपको यह दो किलोमीटर की सैर विद्धान बना देगी। आप मुख्यमंत्री योगी के बाद दूसरे सबसे यशस्वी मुख्यमंत्री बन जाएंगे। आप समझ जाएंगे कि आपके नगर निकाय क्या कर रहे हैं और क्या कर सकते हैं। आपके अफसर क्या सोचते हैं और क्या सोच पाएंगे। क्या ये लोग कुछ सोचते भी हैं। इन्हें सोचना आता भी है। महाराज, यह कर गुजरिए। कारों में सनसनाते हुए निकल जाने से आपके पाँच साल सनसनाते हुए निकल जाएंगे। अगर आप सावित्री पुत्र वीर झुग्गी वाला (वीरेन्द्र देव गौड़) की यह सलाह मान लेंगे तो मात्र ढाई-तीन घण्टे में आप निखर कर जमीन से जुड़े हुए मुख्यमंत्री बन जाएंगे। कहते है कि ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पण्डित होय। केवल ढाई घण्टे दे दीजिए और स्वयं को आने वाले इतिहास में अमर कर दीजिए। -वीरेन्द्र देव गौड़, पत्रकार, देहरादून

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports