नई दिल्ली (संवाददाता)। पिछले साल भारतीय सेना के ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारी तबाही झेलने वाले पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने एक बार फिर खुद को दोबारा खड़ा करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। खुफिया सूत्रों से मिली बेहद अहम जानकारी के अनुसार, हफ्तों तक चले आंतरिक विवाद और विचार-विमर्श के बाद इस आतंकी गुट में बड़ा बदलाव किया गया है। संगठन ने अपने संस्थापक हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद को नया ऑपरेशनल कमांडर नियुक्त करने का फैसला किया है, जिससे लश्कर के काम करने के तरीके और रणनीति में बड़े बदलाव की आशंका जताई जा रही है।
हाफिज सईद दरकिनार, अब बेटे तल्हा के हाथों में जमीनी अभियानों की कमान
भारतीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, लश्कर के पुराने धड़े के भारी दबाव के कारण उम्रदराज हाफिज सईद को संगठन से पूरी तरह दरकिनार नहीं किया गया है। वह अब भी आतंकी संगठन के मार्गदर्शक और वैचारिक प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा, लेकिन जमीनी अभियानों और आतंकी साजिशों की पूरी कमान अब उसके बेटे तल्हा सईद के हाथों में सौंप दी गई है। इस बदलाव को संगठन के भीतर एक नई शुरुआत माना जा रहा है, ताकि भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा पहुंचाए गए भारी नुकसान से उबरा जा सके।
ढ्ढस्ढ्ढ के इशारे पर लश्कर का नया ढांचा, तीन अलग-अलग कमांड में बांटा नेटवर्क
खुफिया रिपोर्टों से यह बड़ा खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ढ्ढस्ढ्ढ) की सीधी देखरेख में लश्कर ने अपने पूरे नेटवर्क का ढांचा बदल दिया है। आईएसआई के नए और खतरनाक प्लान के तहत, लश्कर अब पाकिस्तान के भीतर तीन अलग-अलग क्षेत्रीय ऑपरेशनल कमांड के माध्यम से काम करेगा। इन तीन कमांड को बलूचिस्तान विंग, खैबर पख्तूनख्वा विंग और पाक अधिकृत कश्मीर (क्कश्य) विंग में बांटा गया है। क्षेत्रीय स्तर पर संगठन को बांटने का मकसद अपने नेटवर्क को और अधिक मजबूत तथा विकेंद्रीकृत करना है।
बलूच विद्रोहियों से लड़ने के लिए आतंकियों का सहारा
सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि इस वक्त पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा बल बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (क्चरु्र) और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (ञ्जञ्जक्क) के लगातार हो रहे भीषण हमलों से बुरी तरह बेहाल हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि कई पाकिस्तानी सैनिकों ने डर के मारे अपनी चौकियां तक छोड़ दी हैं। इस शर्मनाक स्थिति से निपटने के लिए पाकिस्तानी तंत्र ने अब एक नई चाल चली है। पाकिस्तानी सेना ने लश्कर के प्रशिक्षित आतंकियों को अपने साथ मिलाकर टीटीपी और बीएलए के खिलाफ सीधी जंग में झोंक दिया है, ताकि अपनी सेना के गिरते मनोबल और नुकसान को कम किया जा सके।
स्थानीय आतंकियों की भर्ती और स्लीपर सेल घुसपैठ कराने का बड़ा प्लान
लश्कर द्वारा क्षेत्रीय कमांड बनाने का मुख्य उद्देश्य अब स्थानीय आतंकियों की तेजी से भर्ती करना है। आतंकी संगठन का मानना है कि स्थानीय लोग वहां के भूगोल और रसद (सप्लाई चेन) से बेहतर तरीके से वाकिफ होते हैं। हाल के महीनों में खुफिया विफलता के कारण लश्कर को जो भारी नुकसान झेलना पड़ा है, उसकी भरपाई के लिए यह रणनीति अपनाई गई है। इसके अलावा, लश्कर का यह नया नेटवर्क टीटीपी और बलूच जैसे प्रतिबंधित समूहों के भीतर अपने स्लीपर सेल घुसपैठ कराने की योजना भी बना रहा है, ताकि अंदरूनी खुफिया जानकारी जुटाकर पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की मदद की जा सके।
ऑपरेशन सिंदूर की चोट से बिलबिलाए लश्कर ने बदला अपना पूरा ढांचा, अब हाफिज सईद का बेटा संभालेगा कमान
नई दिल्ली (संवाददाता)। पिछले साल भारतीय सेना के ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारी तबाही झेलने वाले पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने एक बार फिर खुद को दोबारा खड़ा करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। खुफिया सूत्रों से मिली बेहद अहम जानकारी के अनुसार, हफ्तों तक चले आंतरिक विवाद और विचार-विमर्श के बाद…

Previous Post
Next Post
Leave a Reply
Latest News

Stay Connected
Categories
AGRICULTURE BOX Blog Breaking News CULTURE BOX Defence dehradun delhi Economic Box editorial emergency Film Haridwar HISTORY International literature Madhya Pradesh Mumbai Mussorie National RELIGION AND PILGRIMAGE Sports TOURISM AND PILGRAMAGE Uncategorized Uttarakhand Uttar pradesh world धर्म
Tags
About the Author

AF themes
Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.
Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports
You May Have Missed











