यमुनोत्री हाईवे पर बादल फटने तबाही, कई मजदूर लापता

बड़कोट(उत्तरकाशी) । उत्तराखंड में देर रात से हो रही तेज बारिश ने कहर ढा दिया है । उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ ओजरी डाबरकोट..

बड़कोट(उत्तरकाशी) । उत्तराखंड में देर रात से हो रही तेज बारिश ने कहर ढा दिया है । उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ ओजरी डाबरकोट के बीच सिलाई बैंड के पास बादल फटने से तबाही मच गई। इस दौरान यहां होटल निर्माण स्थल तबाह हो गया है, जिससे कई मजदूर लापता हो गए। लापता मजदूरों की तलाश में प्रशासन की टीम और एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस दौरान दो मजदूरों के शव मिले हैं। वहीं, सीएम धामी ने भी अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और त्वरित गति से राहत बचाव कार्य करने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, घटना देर रात करीब 12 बजे की है। बड़कोट थानाध्यक्ष दीपक कठेत ने बताया कि यमुनोत्री हाईवे पर बादल फटने की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि यहां सड़क निर्माण व अन्य कार्य में लगे कुछ लोग टेंट लगाकर रह रहे थे। तेज सैलाब आने पर वह बह गए हैं। अभी तक आठ से नौ लोगों के लापता होने की खबर है। ये सभी नेपाली मूल के हैं। उत्तरकाशी डीएम प्रशांत आर्य का कहना है कि टीम ने लापता हुए लोगों की खोजबीन शुरू कर दी है। वहीं, दस अन्य श्रमिकों को रेस्क्यू कर पालीगाड़ लाया गया है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बादल फटने की घटना का अधिकारियों से संज्ञान लिया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि दुखद घटना में कुछ श्रमिकों के लापता होने की सूचना मिली है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ समेत अन्य टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और गहन राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। मैं इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूं।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने समााचार एजेंसी आर एन एस को बताया कि आस-पास के पुलिस और सेना के जवानों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है और एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। 15 लोग बचाव कार्य में लगे हुए हैं और लगभग 45 लोग रास्ते में हैं। यहां मशीनें नहीं पहुंच पा रही हैं और टीमें ही रेस्क्यू में लगी हैं। श्रमिक या तो मलबे में फंसे हुए हैं या चट्टान में या नदी में बह गए हैं। उन्हें ढूंढने का प्रयास जारी है।
बादल फटने के बाद से यमुनोत्री हाईवे सिलाई बैंड समेत कई जगहों पर बंद है। एनएच की टीम रास्ता खोलने के प्रयास में जुटी है। वहीं, ओजरी के पास भी सड़क पूरी तरह से खत्म हो गई है। खेतों में मलबा भर गया है। स्यानाचट्टी में भी कुपड़ा कुंशाला त्रिखिली मोटर पुल खतरे में आ गया है। यमुना नदी का भी जलस्तर बढ़ा हुआ है।
मलबा आने से यमुना नदी का बहाव थमा, झील बनी
यमुनोत्री हाईवे पर स्थित स्याना चट्टी के पास कुपड़ा कुनसाला मोटर मार्ग पर पुल के पास ऊपर से भारी मलवा बोल्डर आने से यमुना नदी का बहाव थम गया और यहां झील बननी शुरू हो गई। स्थानीय लोगों के साथ यमुना नदी तटवर्ती क्षेत्र में रह रहे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय निवासी जयपाल सिंह रावत ने बताया कि यहां होटल की सीढ़ी तक पानी पहुंच गया है।
दून समेत सात जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट
बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है। आज (रविवार) से अगले तीन दिन तक प्रदेश के सात जिलों में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जबकि अन्य कई जिलाें में भी तेज दौर की बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 29 जून से लेकर एक जुलाई तक दून समेत टिहरी, पौड़ी, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
जबकि रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले के भी कुछ हिस्सों में कई दौर की भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि इन तीन दिनों में जलभराव, भूस्खलन होने के साथ नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में दिन के साथ रात के समय भी अधिक सतर्क रहें और नदी-नालों के आसपास जाने से परहेज करें। इसके अलावा आवश्यक न हो तो पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने से बचें। बारिश से उफनाया गदेरा, वैकल्पिक मार्ग बहने से आर्मी कैंप का रास्ता बंद,नजीबाबाद हाईवे पर जमीन धंसी
कोटद्वार। कोटद्वार में आज भारी बारिश के बाद पनियाली गदेरा उफान पर आ गया। इस दौरान दो वर्ष पूर्व आई आपदा में बरसाती नदियों पर बने पुलों के साथ-साथ गबर सिंह आर्मी कैंप को जोड़ने वाले रास्ते पर बना वैकल्पिक मार्ग भी बह गया था।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र का दौरा कर जल्द पुल निर्माण की बात कही थी। पिछले दिनों मालन नदी पर नया पुल बनकर तैयार हो गया। जिससे आवागमन भी शुरू हो गया। अन्य पुलों पर सुरक्षात्मक कार्य लगातार जारी है, लेकिन गबर सिंह आर्मी कैंप को जोड़ने वाले पनियाली गधेरे पर पुल निर्माण पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
ऐसे में जब रविवार को तेज बारिश हुई और पनियाली गदेरा उफान पर आ गय तो आर्मी कैंप को जोड़ने वाला रास्ता बह गया। अब आर्मी कैंप से मुख्य मार्ग का सीधा आवागमन पूरी तरह से बंद हा गया है।
कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच निर्माणाधीन पुलिया धंसी, हाईवे बंद
कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच फोरलेन हाईवे पर निर्माण के दौरान पुलिया क्षेत्र में जमीन धंस गई। इस दौरान यहां वाहन फंस गए और यातायात बंद हो गया। जेसीबी से रास्ता खोलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कोटद्वार में लगी वाहनों की लंबी कतार लगी है।

 

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