योगी का हन्टर फिर चला माफिया डॉन पर

अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की खैर नहीं साभार-नेशनल वार्ता ब्यूरो दोबारा मुख्यमंत्री बनते ही योगी ने माफिया डॉन अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी के..

अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की खैर नहीं
साभार-नेशनल वार्ता ब्यूरो
दोबारा मुख्यमंत्री बनते ही योगी ने माफिया डॉन अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही को हरी झण्डी दे दी। चुनाव के चलते इन कार्यवाहियों पर रोक लग गयी थी। अब प्रक्रिया को तेजी से बढ़ाया जा रहा है ताकि यूपी के माफिया डॉन निष्क्रिय किए जा सकें। मुख्यमंत्री की शपथ लेने से पहले ही बुल्डोजर काम पर निकल चुके थे। अब यूपी में विभागों के बँटवारे से पहले ही मुख्तार अंसारी जैसे डॉन पर कार्यवाही शुरू कर दी गयी है। योगी आदित्यनाथ ने अपने चुनावी भाषणों में स्पष्ट कर दिया था कि वे कानून को हाथ में लेने वालों की गरमी निकालेंगे और मई-जून में भी प्रदेश को शिमला बना देंगे। लिहाजा, कानून व्यवस्था और शांति को प्राथमिकता देते हुए योगी आदित्यनाथ ने फिर से माफियाओं के खिलाफ अभियान को तेज कर दिया है। प्रदेश भर में जगह-जगह गले में तख्तियाँ लटका कर पुलिस वालों से जेल में डाल देने की गुहार करने वालों की लाइनें लगने लगी हैं। क्योंकि वे जानते हैं कि योगी राज में कानून को हाथ में लेने वाले, जमीनों को कब्जाने वाले और हफ्ता वसूलने वालों की हजामत बना दी जाती है। मुख्यमंत्री योगी ने वादा किया है कि वे प्रदेश को विकास और शांति के मामले में देश में नम्बर वन बनाएंगे। इसी नीति के तहत राज्य में आतंक का पर्याय बन चुके माफियाओं और डॉनों की शामत आ गई है। उनकी धरपकड़ फिर शुरू हो गयी है। उन्हें अदालतों की चौखटों पर ले जाया जा रहा है ताकि राज्य में कानून का राज कायम हो सके। यही नहीं प्रदेश में बेरोजगारी कम करने के लिए युवाओं की भर्ती का अभियान भी शुरू होने वाला है। मुख्तार अंसारी को आज बाँदा से लखनऊ ले जाया जा रहा है ताकि उसे अदालत के सामने पेश किया जा सके। मुख्तार का लड़का अब्बास अंसारी चुनाव प्रचार के दौरान धमकियाँ देता फिर रहा था कि सपा सरकार आने पर 6 महीने विरोधियों का हिसाब किताब किया जाएगा। सपा को विश्वास था कि उनकी सरकार आ रही है। हालाँकि, उनके विश्वास पर वज्रपात हो गया और आज रास्ते में वज्र वाहन खराब हो गया जिसमें मुख्तार को लखनऊ ले जाया जा रहा था। अब उसे एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा है। जिस तरह विकास दुबे भागते समय एनकाउन्टर में मारा गया था उसी तरह आशंका जताई जा रही है कि कहीं मुख्तार के एनकाउन्टर वाली स्थिति न आ जाए। हालाँकि, यह आशंका निराधार है।- सावित्री पुत्र वीर झुग्गीवाला, देहरादून

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports