बिहार में जमीन रजिस्ट्री होगी पूरी तरह डिजिटल, 145 निबंधन कार्यालय चरणबद्ध तरीके से बनेंगे पेपरलेस

पटना । बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत राज्य के सभी 145 निबंधन कार्यालयों को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया जाएगा। इससे दस्तावेजों की तैयारी, सत्यापन और रजिस्ट्रेशन की…

पटना । बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत राज्य के सभी 145 निबंधन कार्यालयों को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया जाएगा। इससे दस्तावेजों की तैयारी, सत्यापन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी तथा आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
हाजीपुर से हुई डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत
बिहार सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत 11 जुलाई को हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय से हुई। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यहां पेपरलेस डिजिटल रजिस्ट्री प्रणाली का उद्घाटन किया। बिहार निबंधन नियमावली-2026 के तहत पहले चरण में 10 निबंधन कार्यालयों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
18 जुलाई को नौ और कार्यालय होंगे डिजिटल
पहले चरण के तहत 18 जुलाई को नौ और निबंधन कार्यालयों को इस नई डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इनमें जिला निबंधन कार्यालय जहानाबाद के अलावा पातेपुर (वैशाली), फतुहा और संपतचक (पटना), सोनपुर (सारण), डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास), मंझौल (बेगूसराय), बाबूबरही (मधुबनी) तथा सोनवर्षा (सहरसा) के अवर निबंधन कार्यालय शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य इसी महीने पटना और मधुबनी समेत करीब दो दर्जन कार्यालयों को भी डिजिटल प्रणाली से जोड़ने का है।
अगस्त से सभी 145 कार्यालय होंगे ऑनलाइन
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, अगस्त से राज्य के सभी 145 निबंधन कार्यालयों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। नई व्यवस्था में दस्तावेजों की तैयारी, जांच, सत्यापन और रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। खरीददार, विक्रेता और संबंधित अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर (ई-साइन) के माध्यम से रजिस्ट्री पूरी की जाएगी। इसके लिए डीड लेखन और सर्विस प्रोवाइडर से जुड़े नियमों में भी आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं तथा संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
आधार सत्यापन और ई-साइन से बढ़ेगी सुरक्षा
नई प्रणाली में खरीददार और विक्रेता दोनों का सहमति-आधारित आधार सत्यापन किया जाएगा। ओटीपी आधारित ई-साइन के माध्यम से दस्तावेजों का प्रमाणीकरण होगा। सरकार का दावा है कि इससे दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ेगी और फर्जीवाड़े या जालसाजी की आशंका काफी हद तक कम होगी।
आम लोगों को मिलेंगे कई लाभ
नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को कई सुविधाएं मिलेंगी। कागजी फाइलों की आवश्यकता समाप्त होगी, रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और पारदर्शी बनेगी, डिजिटल सत्यापन के कारण फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा तथा समय और खर्च दोनों की बचत होगी। इसके अलावा दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने और ई-साइन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
फिलहाल उपलब्ध है ई-निबंधन सुविधा
जिन निबंधन कार्यालयों में अभी पेपरलेस व्यवस्था लागू नहीं हुई है, वहां नागरिकों के लिए ई-निबंधन की सुविधा जारी रहेगी। इसके तहत लोग जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर 24 घंटे अपलोड कर सकते हैं, जिससे उन्हें कार्यालयों में लंबी कतारों से राहत मिल सके।

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